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‘इलाज भी, विश्वास भी और विकास भी’- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से राजस्थान बनेगा
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के दम पर विश्व स्तर पर पहचान बना रहा प्रदेश
जयपुर, (25 जून 2026)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी सोच के परिणामस्वरूप राजस्थान स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हील इन राजस्थान नीति-2025’ प्रदेश को मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (एमवीटी) के क्षेत्र में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाने की दिशा में अग्रसर है।
मुख्यमंत्री का विजन है कि राजस्थान केवल पर्यटन की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी देश का अग्रणी राज्य बने। इसी सोच को साकार करने के लिए राज्य सरकार ने चिकित्सा, पर्यटन, निवेश और डिजिटल नवाचार को एक मंच पर लाते हुए ‘हील इन राजस्थान’ जैसी अभिनव पहल शुरू की।
उपचार के साथ ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत का अनुभव-
अपनी ऐतिहासिक धरोहरों, समृद्ध संस्कृति और अतुलनीय पर्यटन स्थलों के लिए प्रसिद्ध राजस्थान चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। प्रदेश में अब देशी-विदेशी पर्यटक राजस्थान की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का अनुभव करने ही नहीं आएंगे, वे यहां विश्वस्तरीय उपचार भी प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल ने चिकित्सा और पर्यटन के इस अनूठे संगम को विकास के नए मॉडल के रूप में स्थापित किया है।
राजस्थान में 8 हजार से अधिक अस्पताल, 46 मेडिकल कॉलेज और 15 डेंटल कॉलेज संचालित हैं। इसके अलावा अत्याधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी एवं सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों का विस्तृत नेटवर्क प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान प्रदान कर रहा है।
राजस्थान में स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप गुणवत्तापूर्ण और किफायती उपचार सेवाएं आमजन के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले मरीजों को भी उपलब्ध हो रही हैं। राजस्थान की चिकित्सा व्यवस्था आधुनिक विज्ञान और भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का उत्कृष्ट संगम प्रस्तुत कर रही है। आयुर्वेद, योग, यूनानी और सिद्ध जैसी आयुष प्रणालियों को आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के साथ जोड़कर मरीजों को समग्र स्वास्थ्य लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।
डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम से मिलेगी मरीजों की सुविधा-
‘हील इन राजस्थान’ के अंतर्गत एमवीटी पोर्टल और मोबाइल एप विकसित किया जा रहा है। जिससे मरीजों को उपचार संबंधी सभी आवश्यक जानकारियां एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा सकेगी। टेलीमेडिसिन, टेली-कंसल्टेशन, डिजिटल डायग्नोस्टिक्स और ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवाओं ने चिकित्सा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सरल और सुलभ बनाया जा रहा है। विदेशी मरीजों की सुविधा के लिए बहुभाषी हेल्पलाइन सेवाओं की व्यवस्था भी की जा रही है, जिससे भाषा संबंधी बाधाओं को दूर कर बेहतर स्वास्थ्य अनुभव सुनिश्चित होगा।
निवेश, रोजगार और आर्थिक विकास को मिल रही गति-
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। राजस्थान निवेश संवर्धन योजना, औद्योगिक विकास नीति तथा पर्यटन नीति के माध्यम से निवेशकों को विभिन्न प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में नए निवेश आकर्षित हो रहे हैं, आधुनिक चिकित्सा संस्थान विकसित हो रहे हैं और प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
सुदृढ़ संस्थागत व्यवस्था से सुनिश्चित हो रहा प्रभावी क्रियान्वयन-
‘हील इन राजस्थान नीति-2025’ के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार मजबूत संस्थागत तंत्र विकसित कर रही है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कार्यकारी समिति तथा चिकित्सा शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में तकनीकी समिति गठित की गई है। एमवीटी सेल और सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से सेवा प्रदाताओं और निवेशकों को त्वरित एवं पारदर्शी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राजस्थान की ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि प्रदेश की पहचान वैश्विक चिकित्सा गंतव्य के रूप में और सशक्त हो।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ‘हील इन राजस्थान नीति-2025’ स्वास्थ्य, पर्यटन, निवेश और रोजगार को एक साथ आगे बढ़ाने वाली दूरदर्शी पहल साबित होगी। यह नीति प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ राजस्थान को वैश्विक मेडिकल टूरिज्म मानचित्र पर एक प्रतिष्ठित स्थान दिलाने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ाएगी। विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, डिजिटल नवाचार और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्ध नीतियों के बल पर राजस्थान आज एक ऐसे मॉडल के रूप में उभर रहा है, जहां “इलाज भी, विश्वास भी और विकास भी” एक साथ साकार हो रहा है।