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खैरथल, (6 जुलाई 2026)। जिला प्रशासन खैरथल-तिजारा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा SRKPS Rajasthan के संयुक्त तत्वावधान में “तंबाकू मुक्त राजस्थान अभियान” के अंतर्गत सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले में तंबाकू नियंत्रण संबंधी कानूनों एवं नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से तंबाकू मुक्त एवं स्वस्थ वातावरण का निर्माण करना था।
कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि तंबाकू सेवन आज एक गंभीर सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी चुनौती बन चुका है। इससे कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियों सहित अनेक घातक रोगों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने सभी विभागों से समन्वित रूप से कार्य करते हुए जिले को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से बच्चों एवं युवाओं को तंबाकू की लत से बचाने के लिए कानूनों का कड़ाई से पालन कराने के साथ-साथ व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाना आवश्यक है।
कार्यशाला में एसआरकेपीएस राजस्थान के कार्यकारी निदेशक राजन चौधरी ने तंबाकू नियंत्रण की राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय रणनीतियों की विस्तृत जानकारी देते हुए जिले में प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान, तंबाकू मुक्त ग्राम पंचायत, तंबाकू मुक्त पीढ़ी अभियान तथा तंबाकू विक्रेताओं के लिए लाइसेंस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि समाज के सभी वर्गों की भागीदारी के बिना तंबाकू मुक्त राजस्थान का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता।
एसआरकेपीएस के राज्य समन्वयक हीरेन्द्र सेवदा ने कार्यशाला में सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अधिनियम की धारा 4 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पूर्णतः प्रतिबंधित है, जबकि धारा 4A के अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों पर चेतावनी बोर्ड प्रदर्शित करना अनिवार्य है। धारा 5 के अनुसार तंबाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं धारा 6(अ) के तहत 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचना दंडनीय अपराध है तथा धारा 6(ब) के अनुसार किसी भी शिक्षण संस्थान के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है। इसके अतिरिक्त धारा 7 के तहत सभी तंबाकू उत्पादों पर स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी अंकित करना अनिवार्य किया गया है।
कार्यशाला में अधिकारियों को तंबाकू नियंत्रण कानूनों के उल्लंघन पर निर्धारित दंडात्मक प्रावधानों, प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका, निरीक्षण प्रक्रिया, चालान कार्रवाई, जनजागरूकता कार्यक्रमों तथा विभागीय जिम्मेदारियों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों से अपने-अपने विभागों में तंबाकू नियंत्रण नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने तथा नियमित मॉनिटरिंग करने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, उप पुलिस अधीक्षक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारी, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर मजदूर विकास फाउंडेशन के संस्थापक ताराचन्द खोयड़ावाल व समन्वयक प्रदीप कुमार ने भी सहभागिता करते हुए तंबाकू मुक्त समाज निर्माण एवं जनजागरूकता अभियान में सक्रिय सहयोग का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यशाला के अंत में जिले में तंबाकू नियंत्रण कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने तथा स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण हेतु सभी विभागों एवं सामाजिक संगठनों के सामूहिक प्रयासों पर बल दिया गया। अधिकारियों ने तंबाकू मुक्त राजस्थान अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और इसे जन आंदोलन के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया।