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राजस्थान का जल संचयन और जन भागीदारी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए देश के तीन सर्वश्रेष्ठ राज्यों में चयन
भीलवाड़ा और बाड़मेर सहित राज्य के नौ जिलें होंगे पुरस्कृत
जयपुर, (11 नवम्बर 2025)। जल संचयन और जन भागीदारी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राजस्थान का चयन देश के तीन सर्वश्रेष्ठ राज्यों में तृतीय श्रेणी में किया गया है। इस कार्य में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रथम श्रेणी में चयनित हुए भीलवाड़ा और बाड़मेर जिलों को 2 करोड़ रुपये, द्वितीय श्रेणी में चयनित जिले जयपुर और उदयपुर को 1 करोड़ रूपये तथा तृतीय श्रेणी मे चयनित जिलों अलवर, डूंगरपुर, बारां, चित्तौड़गढ़ और सीकर को 25 लाख रूपये के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु छठे ‘राष्ट्रीय जल पुरस्कार- 2025’ ‘प्रथम जल संचय जन भागीदारी’ (जेएसजेबी) पुरस्कार नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 18 नवम्बर, 2025 को प्रदान करेंगी। यह जल शक्ति अभियान ‘वर्षा जल संचयन’ (कैच द रेन) के तहत जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) के अंतर्गत प्रमुख समुदाय-संचालित कार्यक्रम है।
समग्र सरकार और समग्र समाज के दृष्टिकोण से प्रेरित यह पहल जमीनी स्तर पर जल प्रबंधन सहभागिता और सतत जल प्रशासन को बढ़ावा देती है। इन जल संरचनाओं में भवनों की छतों पर वर्षा जल संचयन के साथ ही झीलों, तालाबों और बावड़ियों का पुनरुद्धार करना शामिल है।
इस पहल के तहत राज्यों को पांच क्षेत्रों में विभाजित कर कम से कम दस हजार कृत्रिम पुनर्भरण और जल भंडारण संरचनाएं स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के जिलों के लिए यह लक्ष्य तीन हजार है, जबकि देश भर के नगर निगमों के लिए यह दस हजार का लक्ष्य है।
शहरी जल संरक्षण प्रयासों को सुदृढ़ करने के लिए आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने जल शक्ति मंत्रालय के साथ साझेदारी की है। इसके अंतर्गत शहरी स्थानीय निकायों को लगभग दो हजार पुनर्भरण संरचनाएं निर्मित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
उल्लेखनीय हैं कि प्रथम जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) सम्मान के अंतर्गत इस वर्ष कुल 100 पुरस्कारों की घोषणा की गई है। इनमें तीन शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य, 67 जिले, छह नगर निगम, एक शहरी स्थानीय निकाय, दो सहयोगी मंत्रालय/विभाग, दो उद्योग, तीन गैर सरकारी संगठन, दो परोपकारी और 14 नोडल अधिकारी शामिल हैं। जेएसजेबी पोर्टल पर अपलोड किए गए सत्यापित आंकड़ों के आधार पर पुरस्कार विजेताओं का चयन किया गया है।