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हर घर तक नल से जल पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ी राज्य सरकार – जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री —गत सरकार में अटकी जल परियोजनाएं
मंत्रियों ने कहा- हमारी सरकार दूरगामी सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण से बढ़ी आगे
जयपुर, (17 दिसम्बर 2025)। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी और जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने बुधवार को जल भवन में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने वर्तमान सरकार के 2 साल के सफल कार्यकाल पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व पर आभार व्यक्त किया।
चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जल परियोजनों को लेकर अहम निर्णय लिए गए हैं। सरकार सकारात्मक और दूरगामी सोच के साथ हर घर तक नल से जल उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ी हैं। जल जीवन मिशन के तहत गत सरकार ने प्रति वर्ष औसतन 1000 गांवों के अनुसार 5 वर्षों में 5 हजार 27 गांवों में 39.28 लाख कनेक्शन देकर 19 हजार 500 करोड़ रुपए (औसतन प्रति वर्ष 3900 करोड़) व्यय किए थे। वहीं, हमारी सरकार ने 4000 गांव प्रति वर्ष अनुसार 2 वर्ष में ही 7 हजार 900 से अधिक गांवों में 13.78 लाख कनेक्शन दे दिए हैं। इन पर प्रति वर्ष 5300 करोड़ रुपए के अनुसार 10 हजार 612 करोड़ रुपए व्यय हुआ।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने कहा कि मिशन के तहत शेष कनेक्शन देने की प्रक्रिया तेजी से बढ़ी है, आगामी दो वर्षों में सभी कनेक्शन जारी कर दिए जाएंगे। अमृत 2.0 के तहत आमजन और जनप्रतिनिधियों के सुझाव लेकर कार्यों को गति दी जा रही हैं। अब तक 175 नगरीय निकायों के लिए 54 निविदाएं आमंत्रित की गई। इनमें से 104 निकायों की 32 निविदाओं में 1174.45 करोड़ रुपए के कार्यादेश जारी कर कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। शेष 73 निकायों के लिए 2521.42 करोड़ रुपए की 22 निविदाएं आमंत्रित की जा चुकी है।
भ्रष्टाचारियों पर सख्त कार्रवाई—
चौधरी ने कहा कि हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचारियों पर सख्त कार्रवाई कर रही हैं। जल जीवन मिशन के तहत कार्यों में अनियमितता की शिकायतों पर अविलम्ब जांच कराई गई। जनवरी 2024 से दिसम्बर 2025 तक सीसीए नियम-16 के तहत 86, सीसीए नियम-17 में 50, सीसीए नियम-16 एवं 17 के तहत प्रशासनिक विभाग को 52 आरोप पत्र प्रस्तावित किए गए हैं। इसी तरह मैसर्स श्याम व गणपति ट्यूबवैल प्रकरण में 139 कार्मिकों पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन हैं। वहीं, अन्य जांच रिपोर्ट प्रकरणों में 52 कार्मिकों पर आरोप पत्र जारी किए जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि 17-ए में 18 अधिकारियों के विरूद्ध अनुमति जारी की गई। साथ ही, 37 अधिकारियों पर निलम्बन की कार्यवाही की गई हैं।
नलकूपों और हैंडपम्पों के निर्माण से सुलभ हुआ पेयजल—
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने कहा कि राज्य में 3720 नये नलकूपों का निर्माण कर चालू किया गया जिससे शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के पेयजल संकट से प्रभावित क्षेत्रों को राहत पहुंचाई गई। साथ ही, 6317 नये हैण्डपम्प ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्थापित कर सुलभ पेयजल प्रभावित क्षेत्रों में उपलब्ध कराया गया। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सघन अभियान चला कर खराब पडे़ 4.35 लाख हैण्डपम्पों की मरम्मत कर क्रियाशील किया गया।
अवैध पेयजल कनेक्शन काटे, बनाएंगे कड़े प्रावधान—
चौधरी ने कहा कि अवैध कनेक्शनों पर प्रभावी कार्यवाही करते हुए 1.08 लाख कनेक्शनों को काटा गया है। अवैध कनेक्शनों पर प्रभावी कार्यवाही करने के लिए कठोर प्रावधान बनाए जाएंगे। इससे पानी चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्यवाही की जा सकेंगी।
पूर्वी राजस्थान से जल उपलब्धता के वादे पूरे करेंगे—
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अथक प्रयासों से इस परियोजना को धरातल पर लाने का कार्य हुआ है। पूर्वी राजस्थान में जल उपलब्धता के लिए वर्षों से अटकी ईआरसीपी परियोजना को हमारी सरकार ने संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना के रूप में धरातल पर उतारने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। हमारी सरकार ने केन्द्र सरकार के सहयोग से समन्वय बनाते हुए कार्यों को गति दी हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में प्रथम चरण के अंतर्गत 9 हजार 400 करोड़ रुपए के कार्यादेश जारी कर निर्माण प्रगतिरत हैं। इसके अतिरिक्त राम जल सेतु लिंक परियोजना में 14 हजार 676 करोड़ रुपए के कार्यादेश जारी कर सर्वे कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। इन कार्यो से पूर्वी राजस्थान में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।
संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना में 4 लाख हैक्टेयर भूमि में सिंचाई और 17 जिलो की लगभग 3 करोड़ आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा। रावत ने स्पष्ट किया कि संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना को भारत सरकार की नदी जोडो परियोजना के अन्तर्गत राष्ट्रीय महत्व की परियोजना के रुप में शामिल किया गया है। इसे केन्द्र से वित्तीय सहायता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में नवनेरा बैराज और ईसरदा बांध के निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं।
यमुना जल लाने के लिए डीपीआर कार्य अंतिम चरण में—
जल संसाधन मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार शेखावाटी अंचल में यमुना जल को लाने के लिए संकल्पित है। हथिनीकुंड बैराज से आवंटित यमुना जल को राज्य में लाने के लिए हमारी सरकार ने हरियाणा सरकार से एमओयू कर संयुक्त डीपीआर के कार्यों को आगे बढ़ाया। इसमें पाईपलाइन के अलाइनमेंट सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। हरियाणा से अधिकारिक सहमति प्राप्त होने के उपरांत जनवरी, 2026 तक डीपीआर पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी नहर परियोजना सहित अन्य पर 10 हजार 418 करोड़ रुपए व्यय पर 84 हजार 592 हैक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई हैं।
हर दिशा में सिंचाई परियोजना के कार्यों की बढ़ी गति—
रावत ने बताया कि धौलपुर लिफ्ट सिंचाई एवं पेयजल परियोजना का कार्य भी प्रगतिरत है। इसमें चम्बल नदी से पानी लिफ्ट कर धौलपुर के 256 गांवों में 39 हजार 980 हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र में स्प्रिंकलर पद्धति से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि पीपलखूंट हाई लेवल कैनाल परियोजना, परवन वृहद बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना, अपर हाई लेवल कैनाल माही परियोजना, कालीतीर लिफ्ट परियोजना, ल्हासी सिंचाई परियोजना और गागरिन सिंचाई परियोजना के कार्यों को भी गति मिली हैं। उन्होंने बताया कि सिंचाई परियोजनाओं के कार्य समयबद्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री सिंचाई टास्क फोर्स का गठन किया गया है। हमारी सरकार ने प्रदेशवासियों से जो वादे किए हैं, उन्हें समयबद्ध पूरा किया जाएगा।