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झुंझुनू, (11 अक्टूबर 2023)। रामकृष्ण जयदयाल डालमिया सेवा संस्थान एंव राष्टीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक एंव ग्राम वाटर शेड समिति, मालूपुरा के संयुक्त तत्वाधान में संचालित नाॅन वाटरशैड प्रोजेक्ट, समन्वित कृषि प्रणाली अन्तगर्त प्रगतिशील किसानों का एक दिवसीय जैविक प्रशिक्षण एंव कृषि आदान वितरण कायर्क्रम आयोजित किया गया इसके तहत रबी फसलों के उन्न्त गुणवत्ता वाले बीजों का वितरण किया गया।
कायर्क्रम के मुख्य अतिथि संस्थान के सलाहकार निरंजन सिंह ,विशिष्ट अतिथि भूतपुर्व कृषि वैज्ञानिक डाॅ. हनुमान प्रसाद, संस्थान के परियोजना प्रबंधक भूपेन्द्र पालीवाल, कृषि एंव वानिकी समन्वयक शुबेन्द्र भट्ट और जल संसाधन एव ग्रामीण विकास समन्वयक संजय शर्मा उपस्थित रहे।
कायर्क्रम के मुख्य अतिथि निरजंन सिंह द्वारा सामाजिक दृष्टि से गांवों को उन्नत एंव समृद्ध बनाकर खेती करने की नवीनतम तकनीकियों के बारे में बताया गया। किसानों को रोजमरार् की जिन्दगी में पानी को न्यायसंगत ढंग से इस्तेमाल करने पर जोर देने की बात कही साथ ही उन्होनें खेती की उपयोगिता की दृष्टी से समाज को नशामुक्त करने की बात कही । उन्होनें वतर्मान में भूजल उपलब्धता एंव सरंक्षण के बारे में जानकारी दी। कृषि एवं वानिकी का महत्व समझाया साथ ही सभी को जैविक खेती के लाभ बताये।
कायर्क्रम में डाॅ. हनुमान प्रसाद ने बताया कि कम खर्च कम पानी और अधिक उत्पादन के साथ हमें टिकाऊ खेती पर जोर देना होगा। उन्होनें किसानों से कहा कि अब समय के साथ-साथ जलवायु में परिवतर्न हो रहा है एवं तापमान अनुकूल परिस्थितियों में होने पर ही खरीफ फसलों की बुवाई की जाए एवं बीज की मात्रा बुवाई के समय को विशेष ध्यान रखते हुए ही बीज को बोना चाहिये। फसल की क्रान्तिक अवस्थाओं पर सिचांई अवश्य करनी चाहिए अन्यथा किसान को नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। मिट्टी में कठोर परत जमने एवं उसके निवारण के विधियाँ बताई। ड्राॅन से नवाचार से फसल प्रबंधन की बात बताई। जैविक खेती के लाभ एंव विधियाँ बताई।
संस्थान के परियोजना प्रबंधक भूपेन्द्र पालीवाल वतर्मान में मौसम की अनियमितता के प्रभाव को देखते हुए मिश्रित खेती की उपयोगिता तथा सरकारी योजनाओं से कृषकों को लाभान्वित करने में संस्थान द्वारा प्रत्यक्ष एंव परोक्ष भुमिका के बारे में बताया।
संस्थान के कृषि एंव वानिकी समन्वक शुबेन्द्र भटट् ने किसानों को जैविक तरीके से वैज्ञानिक खेती करने के महत्व एंव संस्थान द्वारा जैविक खेती संबधी किये जाने वाले प्रयासों के बारे में बताया उन्होनें राष्ट्रीय जैविक खेती केंद्र गाजियाबाद द्वारा मिलने वाले फायदों का जिक्र करते हुए ज्यादा से ज्यादा खेती से जुड़ाव हेतु प्रेरित किया। संस्थान के जल संसाधन एव ग्रामीण विकास समन्वयक संजय शर्मा ने सभी को जल संरक्षण का खेती में महत्व एंव समुचित जल प्रबंधन के प्रयासों एंव तरीकों को विस्तार से बताया।
ग्राम वाटरशेड समिति के अध्यक्ष ताराचन्द ने देशी गाय की उपयोगिता के बारे में बताया एंव सचिव शेरसिह ने क्षेत्रिय कायार्लय जयपुर में एक दिवसीय कायर्शाला के दौरान प्रोजेक्ट अन्तर्गत संस्थान द्वारा कराये गये कार्यों पर नाबार्ड महाप्रबंधक द्वारा कि गई सराहना का वणर्न किया।
कायर्क्रम में मालुपुरा गांव के 50 महिला एंव पुरूष कृषकों को रबी फसल बीज वितरण किया गया। इस अवसर पर संस्थान के पयर्वेक्षक राकेश महला, अजय बलवदा, रविन कुमार भैड़ा, बलवान सिंह और, अनिल सैनी एंव शिवनारायण स्वामी उपस्थित रहेे।