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विधानसभा क्षेत्र धोद में 282 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित – उपमुख्यमंत्री

जयपुर, (12 फरवरी 2026)। उप मुख्यमंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी ने गुरूवार को विधानसभा में कहा कि विधान सभा क्षेत्र धोद में कुल 282 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं,जिनमें से 62 आंगनबाड़ी केन्द्र स्वयं के भवनों में, 22 किराये के भवनों में, 142 विद्यालयों में, 48 अन्य राजकीय भवनों में एवं 8 निजी निःशुल्क भवनों में संचालित हैं। उन्होंने बताया कि 2 आंगनबाड़ी केन्द्रों सांवलोदा पुरोहितान एवं सांवलोदा लाडखानी के भवन निर्माणाधीन हैं।

उप मुख्यमंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य गोरधन द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रही थीं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में नवीन आंगनबाड़ी केन्द्र खोलने के लिए निर्धारित मापदण्ड तय किये गए हैं। इसके तहत 400 से 800 की आबादी पर एक आंगनबाड़ी केन्द्र खोला जाता है। इसी प्रकार 800 से 1600 की आबादी पर 2 केन्द्र, 1600 से 2400 की आबादी पर 3 केन्द्र तथा इसके पश्चात् प्रत्येक 800 के गुणक पर एक आंगनबाड़ी केन्द्र खोलने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि जनजातीय इलाकों, पहाड़ी, मरुस्थलीय एवं दुर्गम स्थानों पर 300 से 800 की आबादी पर एक आंगनबाड़ी केन्द्र खोला जाता है। एक केन्द्र के लिए न्यूनतम 600 वर्ग फीट भूमि की अनिवार्यता है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ने बताया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के नवीन भवनों का निर्माण नरेगा योजना के अन्तर्गत कन्वर्जेन्स के माध्यम से करवाया जा रहा है। केन्द्र सरकार के नियमों के अनुसार एक भवन के निर्माण के लिए 12 लाख रुपये की राशि निर्धारित है। इसमें से 2 लाख रुपये विभाग द्वारा, 8 लाख नरेगा कन्वर्जेन्स के माध्यम से तथा शेष 2 लाख रुपये 15वें वित्त आयोग या जिला परिषद के अन्य किसी अनटाइड फण्ड से लिए जाते हैं।

उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र धोद में वर्तमान में 11 राजस्व ग्रामों में आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित नहीं है। केन्द्र नहीं होने की स्थिति में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को नजदीकी आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से सुविधाएं दी जाती हैं।

इससे पहले विधायक गोरधन के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उप मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने कहा कि सरकार विभागीय भवन के अलावा अन्य राजकीय अथवा किराये के भवनों में संचालित किये जाने वाले आंगनबाडी केन्द्रों के लिए पृथक भवन निर्माण करवाने का विचार रखती है। नवीन भवन निर्माण स्थानीय निकाय अथवा ग्राम पंचायत से निःशुल्क भूमि आवंटन होने तथा वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता एवं कार्य की परस्पर प्राथमिकता के आधार पर करवाया जाना निर्भर करता है।

वर्तमान में नवीन आंगनबाड़ी केन्द्र खोलने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। नवीन आंगनबाडी केन्द्र खोलने हेतु परीक्षण करवाया जाकर गुणावगुण एवं बजट की उपलब्धता के आधार पर पारस्परिक प्राथमिकतानुसार निर्णय किया

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