Rajasthan Update
Rajasthan Update - पढ़ें भारत और दुनिया के ताजा हिंदी समाचार, बॉलीवुड, मनोरंजन और खेल जगत के रोचक समाचार. ब्रेकिंग न्यूज़, वीडियो, ऑडियो और फ़ीचर ताज़ा ख़बरें. Read latest News in Hindi.

ईआरसीपी से चम्बल, काली सिंध और पार्वती नदी का पानी लालसोट पहुंचेगा और जनता एवं खेती की प्यास बुझाएगा —जल संसाधन मंत्री

लालसोट के पास समेल में करीब 20-20 करोड़ की लागत से निर्मित एनिकटों का लोकार्पण समारोह

जयपुर, (11 जून 2025)। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश की तस्वीर और दशा-दिशा बदलने वाली पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के माध्यम से चम्बल, काली सिंध और पार्वती नदी का पानी लालसोट की धरती पर आएगा और जनता एवं खेती की प्यास बुझाएगा। रावत बुधवार को यहां लालसोट के पास समेल में करीब 20-20 करोड़ की लागत से निर्मित दो एनिकटों के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे।

जल संसाधन मंत्री ने कहा कि पूर्वी राजस्थान की पानी की समस्या की गंभीरता को समझते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ईआरसीपी योजना को धरातल पर उतारने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया, जिससे पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों को जोड़ा गया है। इस योजना का टेंडर होकर काम चालू हो गया है। उन्होंने कहा कि लालसोट क्षेत्र का मोरेल बांध भी इससे जुड़ा है। इसके अलावा क्षेत्र के अन्य बांधों को भी जोड़ने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के पूर्ण होने पर चम्बल, काली सिंध और पार्वती नदी का पानी लालसोट की धरती पर आएगा। व्यर्थ बहकर जाने वाले बरसात के पानी से यहां की जनता की प्यास बुझेगी, खेतों में सिंचाई होगी और उद्योग-धंधे फलीभूत होंगे।

जल संसाधन मंत्री ने ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण जन अभियान के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ‘जल है तो कल है’। जल के बिना हम जीने की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। पानी प्रकृति की अमूल्य देन है, जिसे हम पैदा नहीं कर सकते हैं, केवल संरक्षित करके ही उपयोग में ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि पुराने समय में लोग बावड़ियों एवं कुओं से ही पानी पीते थे, लेकिन कालान्तर में समय के साथ बावड़ियां, कुएं और तालाब दुर्दशा के शिकार होते गए।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने भागीरथी प्रयास से इन बावड़ियों, तालाबों एवं बांधों की साफ-सफाई और संरक्षण के लिए एक पखवाड़े का वृहद स्तर पर अभियान चालू किया है। उन्होंने आमजन से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि जब अमृत रूपी बरसाती पानी धरती पर गिरता है तो हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि उस पानी को संरक्षित करें और बचाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पुनीत कार्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। हम सब लोग भी अपने-अपने क्षेत्र में और दूरदराज के गांव-ढाणियों में नदी किनारों और तालाबों की पाल पर जाकर जनजागरण का काम करें।

Leave A Reply

Your email address will not be published.