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आई.आई.टी., नई दिल्ली के विद्यार्थियों ने समझा डालमिया सेवा संस्थान के वर्षाजल संरक्षण, कृषि, पर्यावरण सरंक्षण संबधी कार्यो को
चिडावा,(8 दिसंबर 2025)। जल एवं पर्यावरण संरक्षण के कार्यों को समझने के लिए 5 दिवसीय दौरे पर आए भारतीय प्रौधोगिकी संस्थान (डिपार्टमेंट ऑफ डिजायन) नई दिल्ली से विद्यार्थियों का दल एंव उनके डीन प्रो0 पी0 वी0 एम0 राव ने रामकृष्ण जयदयाल डालमिया सेवा संस्थान द्वारा चिड़ावा क्षेत्र में किये जा रहे पानी, पर्यावरण संरक्षण, समन्वित कृषि प्रणाली संबधी विभिन्न कार्यो का अवलोकन किया एवं समझा।
दौरे के प्रथम दिवस के दौरान संस्थान के परियोजना प्रबंधक भूपेन्द्र पालीवाल ने सभी छात्रों को संस्थान परिसर में बने जल संसाधन केन्द्र का अवलोकन करवाया और प्रेजेंटेशन के माध्यम से संस्थान के कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। दल को चिड़ावा पंचायत समिति क्षेत्र के गांव इस्माईलपुर एंव ढाणी इस्माईलपुर में संस्था द्वारा किए जा रहे वर्षाजल एंव पर्यावरण संरक्षण संबधी, अन्य विकास कार्यो एवं समन्वित कृषि प्रणाली के तहत रबी फसलों एवं फलवृक्षों के बगीचों का अवलोकन करवाया।
इस अवसर पर संस्थान के जल संसाधन एंव ग्रामीण विकास समन्वयक संजय शर्मा ने इन गांवों में सरकारी स्कूल में माॅडल साइट, सवाई सागर तालाब, भूजल स्तर के बारे में जानकारी दी एवं संस्थान द्वारा किये जा रहे वर्षा जल संग्रहण कूप, पुनर्भरण कूप, पीजोमीटर, सोखती कुई, टांका एवं विभिन्न कार्यो के बारे में विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी एवं उन्होनें कार्यो में समाज की सहभागिता के बारे में बताया।
इसी प्रकार संस्थान के कृषि एवं वानिकी समन्वयक शुबेन्द्र भटट् ने सभी को शमशान भूमि में एक लीटर पानी तकनीक से हुए पौधारोपण, बिजलीघर में बीज द्वारा तैयार बरगद की पौध, नर्सरी, सवाई सागर तालाब लगा बगीचा जिसमें सौर ऊर्जा के माध्यम से ड्रीप द्वारा किस प्रकार सिंचाई की जाती है। इसके साथ उन्होनें बताया कि वर्षाजल संरक्षण के साथ – साथ हमें भविष्य में चाहिए कि किसान कम पानी चाहने वाली फसलों के बीजों का इस्तेमाल करे। साथ ही भूजल का स्तर कम से कम गिर पाए इसके लिए कम सिंचाई वाली फसलों के बारे में जानकारी दी। संस्थान द्वारा लगाये गये फलवृक्षों के बगीचों के बारे में जानकारी दी व छात्रों को बताया कि घटते भूजल स्तर को रोकने के लिए फसल उत्पादन की जगह बगीचा लगाना ही एकमात्र समाधान है।
इस अवसर पर संस्थान के कृषि एंव जल संसाधन क्षैत्रिय पर्यवेक्षक सूरजभान रायला, बलवान सिंह एंव आई0 आई0 टी0 दिल्ली से विद्यार्थियों का दल एंव बीरबल सिंह सहित अन्य प्रबुद्ध ग्रामीण जन उपस्थित रहे।