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जयपुर, (31 जुलाई 2024)। ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि कृषि कनेक्शन जारी करना एक सतत प्रक्रिया है। नागौर जिले में डिमाण्ड राशि जमा कराने के बाद लंबित कृषि कनेक्शन, वर्ष 2024 तक वरीयता के आधार पर जारी किये जाएंगे। उन्होंने जानकारी दी कि नागौर जिले में कुल 549 तथा मेड़ता विधानसभा क्षेत्र मे 46 कृषि कनेक्शन डिमाण्ड राशि जमा कराने के बाद लंबित हैं।
ऊर्जा राज्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि नये कृषि कनेक्शन वरीयता के आधार पर जारी किये जा रहे हैं। राज्य सरकार कृषि उपभोक्ताओं को दिन में बिजली आपूर्ति करने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि बूंद-बूंद सिंचाई योजना के तहत जारी कृषि कनेक्शन की समयावधि तीन वर्ष होती है। इस समयावधि में किसानों से निर्धारित टैरिफ लिया जाता है। तीन वर्ष बाद कृषि कनेक्शन सामान्य श्रेणी में परिवर्तित हो जाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में किसानों को बूंद-बूंद सिंचाई योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले कृषि कनेक्शन को 3 वर्ष के स्थान पर एक वर्ष में ही सामान्य श्रेणी में तब्दील करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
इससे पहले विधायक लक्ष्मण राम के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में ऊर्जा राज्य मंत्री ने बताया कि कृषि विद्युत कनेक्शन आवेदकों को कृषि नीति-2017 (संशोधित 31.01.2022) में वर्णित प्रावधान के अनुसार मांगपत्र जारी किया जाता हैं। उन्होंने प्रावधान की प्रति सदन के पटल पर रखी।
उन्होंने बताया कि मांगपत्र जमा वाले आवेदकों का वरीयतानुसार कृषि कनेक्शन जारी किये जाते है। जिला नागौर में विगत तीन वर्षों (दिनांक 01.04.2021) से पूर्व कृषि विद्युत कनेक्शन हेतु जमा मांगपत्र वाले सभी 166 आवेदकों के विद्युत कनेक्शन जारी किये जा चुके हैं।