Rajasthan Update
Rajasthan Update - पढ़ें भारत और दुनिया के ताजा हिंदी समाचार, बॉलीवुड, मनोरंजन और खेल जगत के रोचक समाचार. ब्रेकिंग न्यूज़, वीडियो, ऑडियो और फ़ीचर ताज़ा ख़बरें. Read latest News in Hindi.

राज्य स्तरीय वन मेले का उद्घाटन -वन और वन्य जीवों के साथ-साथ आदिवासियों के हितों को भी मिलेगा

संरक्षण औषधियों एवं वन्य उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराएगा वन मेला – वन मंत्री

जयपुर (09 फरवरी 2026)। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री संजय शर्मा ने सोमवार को प्रकृति संरक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 9 एवं 10 फरवरी 2026 को सचिवालय नर्सरी, जयपुर में आयोजित हो रहे राज्य स्तरीय वन मेले का उद्घाटन किया।

 उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप वन एवं वन्य जीवों के संरक्षण के साथ-साथ आदिवासियों के हितों की रक्षा के उद्देश्य के साथ वन मेले का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मेले के माध्यम से वनों से मिलने वाली औषधियों एवं एवं अन्य वन्य उत्पादों को बाजार मिलेगा और अपनी आजीविका के लिए वनों पर निर्भर आदिवासियों एवं अन्य व्यक्तियों को आर्थिक संबंल मिलेगा।

उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा उदयपुर, कोटा की तर्ज पर सर्वप्रथम संभाग स्तरीय तथा उसके पश्चात् जिला स्तरीय वन मेलों का आयोजन किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा जयपुर में राष्ट्र स्तरीय वन मेले का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान उन्होने आरएफबीडीपी परियोजना के अंतर्गत प्रकाशित स्वयं सहायता समूहों की आजीविका संवर्धन मार्गदर्शिका का विमोचन भी किया।

इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख पवन कुमार उपाध्याय ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि इस प्रकार के मेले आयोजित करने का उद्देश्य वन एवं वन्य जीवों के संरक्षण के साथ-साथ वनों में उत्पादित औषधियों एवं अन्य वन्य उत्पादों के क्रय से जीविका उपार्जित करने वाले आदिवासियों एवं अन्य व्यक्तियों को बाजार उपलब्ध कराना है।

मेले में राजस्थान के विभिन्न जिलों जैसे उदयपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, चूरू, करौली, अलवर, टोंक, दौसा, सवाई माधोपुर, जयपुर, कोटा, बारां, प्रतापगढ़, राजसमंद, बीकानेर, झालावाड़ आदि से वन मंडलों, स्वयं सहायता समूहों, राजीविका के स्वयं सहायता समूह, गैर-सरकारी संगठनों तथा अन्य संस्थाओं द्वारा भागीदारी की गई है। मेले में लगाए जाने वाले स्टॉल्स पर राजस्थान एवं अन्य क्षेत्रों के वन उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जा रहा है। जिनमें प्रमुख रूप से शहद एवं जामुन आधारित उत्पाद, लाख, गोंद एवं जड़ी-बूटी उत्पाद, औषधीय एवं सुगंधित पौधे, एलोवेरा उत्पाद, हर्बल साबुन, फेस पैक, हेयर ऑयल आदि, बांस एवं बांस से निर्मित वस्तुएं (तीर-कमान सहित), लकड़ी हस्तशिल्प एवं कावड़ कला उत्पाद, मिलेट आधारित खाद्य पदार्थ (बिस्किट, लड्डू, नमकीन, पेय पदार्थ आदि), मसाले, अचार, अमला कैंडी , आमचूर पाउडर, नीम उत्पाद, गौ-काष्ठ एवं जैव उर्वरक, मंडाना जनजातीय कला एवं वन्यजीव संरक्षण से संबंधित कलात्मक सामग्री, बीज, पौध सामग्री एवं नर्सरी उत्पाद, थार क्षेत्र के विशेष उत्पाद जैसे कैर, सांगरी एवं अन्य लघु वनोपज, पंच गौरव उत्पाद सहित करीब 52 स्टॉल्स लगाए गए हैं।

इसके अतिरिक्त विशेषज्ञों द्वारा टॉक शो एवं संवाद सत्रों के माध्यम से वन एवं पर्यावरण संरक्षण, वन संसाधनों के संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों, वन उत्पादों से आजीविका, पर उपयोगी जानकारी प्रदान की जा रही है।

यह मेला विद्यार्थियों, प्रकृति प्रेमियों, शोधार्थियों एवं आमजन के लिए वन एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान कर रहा है।

इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक जयपुर रामकरण खेरवा ने सभी अथितियों का आभार व्यक्त किया।

इस दौरान विशिष्ठ अतिथि अतिरिक्त मुख्य सचिव वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन आनन्द कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अनुराग भारद्वाज, प्रधान मुख्य वन संरक्षक शिखा मेहरा सहित वन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.