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जयपुर,। सार्वजनिक निर्माण मंत्री भजनलाल जाटव ने कहा कि विभाग में विभिन्न निर्माण कार्यों की डिजाईन व डीपीआर बनाने के लिए पृथक से एक शाखा बनाई जाए। यह सेल विशेष रूप से डीपीआर बनाने में पारंगत हो जिससे विभाग की साख में वृद्धि होगी और समय की भी बचत होगी। उन्होंने शेष निर्माण कार्यों को प्रारंभ करने में आ रही विभिन्न समस्याओं का समाधान उन्हे शीघ्र पूरे करने के निर्देश दिए।
जाटव गुरुवार को बजट घोषणाओं और राजस्थान मिशन-2030 के कार्यों की प्रगति के संबंध में विभाग मुख्यालय पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विज़न -2030 दस्तावेज में प्रदेश का प्रत्येक गांव ग्राम पंचायत मुख्यालय से सीधा और न्यूनतम दूरी से जोड़ने के लिए सुझाव भेजा जाएगा। इससे प्रदेश के सभी ग्रामीणों क्षेत्रों के निवासियों को ग्राम पंचायत मुख्यालय आने के लिए लम्बी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
सानिवि के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया ने कहा कि विभाग द्वारा बजट 2023-24 के करीब 94 फीसदी कार्यों के कार्यादेश जारी किए जा चुके है एवं संबंधित अधिकारी शेष कार्यों को भी जल्द ही मौके पर प्रारंभ करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विज़न-2030 के तहत हितधारकों से प्राप्त सुझावों को विभागीय दस्तावेज बनाकर आयोजना और मुख्यमंत्री कार्यालय को भिजवाया जायेगा। यह दस्तावेज राज्य की 2030 तक की भावी आवश्यकताओं एवं प्रदेश को देश का सबसे अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा राजस्थान मिशन – 2030 के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों से संभाग स्तर पर संवाद सत्र आयोजित किए गए जिसमें 500 से अधिक सुझाव प्राप्त हुए है। इनमें सिंगल लेन से टू लेन, वास्तविक लोड के आधार पर सड़कों का निर्माण, रिमोट एरिया में अच्छी सड़कों की कनेक्टिविटी जैसे कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए है जिन्हे विभाग द्वारा संकलित कर राज्य सरकार को भेजा जाएगा।
बैठक में सानिवि के मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त सचिव संजीव माथुर, सम्बंधित विभागीय व आरएसआरडीसी के अधिकारी उपस्थित रहें और अधिशाषी स्तर तक के अभियंता वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।