Rajasthan Update - पढ़ें भारत और दुनिया के ताजा हिंदी समाचार, बॉलीवुड, मनोरंजन और खेल जगत के रोचक समाचार. ब्रेकिंग न्यूज़, वीडियो, ऑडियो और फ़ीचर ताज़ा ख़बरें. Read latest News in Hindi.
Sign in
Sign in
Recover your password.
A password will be e-mailed to you.
जयपुर, (20 फरवरी 2026)। कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को मांग से अधिक उर्वरक उपलब्ध करवाया गया है। अच्छी बारिश के कारण अधिक मांग के बावजूद खाद की कमी नहीं आने दी गयी। साथ ही राज्य सरकार द्वारा कालाबाजारियों और नकली खाद बीज के विक्रेताओं के खिलाफ भी बड़ी संख्या में कार्रवाई की गई है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा सीड और फर्टिलाइजर की गुणवत्ता और निर्बाध आपूर्ति के लिए सख्त कानून लाया जाएगा, जिसमें 20 साल की सजा और 20 लाख रुपए के जुर्माने के प्रावधान होगा।
कृषि मंत्री प्रश्न काल में इस संबंध में विधायक घनश्याम द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के अच्छे प्रबंधन के कारण प्रदेश में खाद वितरण के समय पिछली सरकार के समय जैसी अप्रिय स्थितियां नहीं बनीं। इस बार लंबे मानसून के कारण जमीन में नमी बनी रही और बुवाई का रकबा बढ़ गया। साथ ही एक अतिरिक्त फसल बोने से फसलों के बीच का गैप कम हुआ। इससे खाद की आवश्यकता में वृद्धि हुई। अधिक मांग के कारण कहीं कहीं किसानों की लाइनें लगने की स्थिति बनी, लेकिन खाद की कमी नहीं हुई।
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को मांग की तुलना में अधिक मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में यूरिया की मांग 26.20 लाख मैट्रिक टन थी, जबकि 29.29 लाख मैट्रिक टन उपलब्ध कराया गया। डीएपी की 8.50 लाख मैट्रिक टन मांग के मुकाबले 7.80 लाख मैट्रिक टन उपलब्ध हुआ। इसी प्रकार 5.57 लाख मैट्रिक टन एसएसपी तथा 2.72 लाख मैट्रिक टन एनपीके खाद उपलब्ध कराए गए।
वहीं वर्ष 2025-26 में 25.52 लाख मैट्रिक टन यूरिया की मांग के विरुद्ध 29.06 लाख मैट्रिक टन उपलब्ध कराया गया। 8.43 लाख मैट्रिक टन डीएपी की मांग के मुकाबले 8.45 लाख मैट्रिक टन उपलब्ध हुआ। उन्होंने कहा कि फरवरी और मार्च माह के लिए भी अतिरिक्त रूप से 1 लाख मैट्रिक टन यूरिया तथा 50 हजार मैट्रिक टन डीएपी और स्टॉक में उपलब्ध करवाया जाएगा। कृषि मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक श्री घनश्याम द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे।
मंत्री ने कहा कि खाद वितरण केंद्रों पर अधिकारियों की तैनाती की गई और गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर सख्त कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान शासन में 107 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि पिछली सरकार में केवल 20 एफआईआर दर्ज हुई थीं। निरीक्षण के दौरान 11,938 लाइसेंसों में से 765 को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। 169 लाइसेंस निलंबित और 46 लाइसेंस निरस्त किए गए। 46 मामलों में से 28 में गिरफ्तारी हुई, 16 मामलों में अदालत में चालान पेश हुआ तथा 21 मामलों में आरोपियों ने अग्रिम जमानत ली है।
कृषि मंत्री ने कहा कि सीड और फर्टिलाइजर मामलों में 27 फैक्ट्रियों पर ताले लगाए गए हैं। उन्होंने कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों और वर्तमान सरकार के दो वर्षों की तुलना करते हुए कहा कि बीज प्रकरण में पूर्व सरकार ने एक भी एफआईआर दर्ज नहीं की, वर्तमान सरकार द्वारा 5 दर्ज कराई गई हैं। बीज लाइसेंस निरस्तीकरण पूर्व में शून्य थे, अब 8 हुए हैं। फर्टिलाइजर में पूर्व में 8 कार्रवाई, अब 31 प्रकरणों में कार्रवाई की गई है। इसी प्रकार कीटनाशक में पूर्व में कोई कार्रवाई नहीं, वर्तमान में 7 की गई है। वहीं नमूनों की जांच भी वर्तमान सरकार में अधिक की गई है।
इससे पहले सदस्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में कृषि मंत्री ने कहा कि खरीफ 2024 (अप्रैल–सितंबर 2024) के लिए 11.50 लाख मैट्रिक टन यूरिया और 6.00 लाख मैट्रिक टन डीएपी की मांग 05 फरवरी 2024 को भारत सरकार को भेजी गई। रबी 2024-25 (अक्टूबर 2024–मार्च 2025) के लिए 15.00 लाख मैट्रिक टन यूरिया और 4.50 लाख मैट्रिक टन डीएपी की मांग 21 अगस्त 2024 को भेजी गई। खरीफ 2025 (अप्रैल–सितंबर 2025) के लिए 12.00 लाख मैट्रिक टन यूरिया और 6.00 लाख मैट्रिक टन डीएपी की मांग 31 जनवरी 2025 को प्रेषित की गई। वहीं रबी 2025-26 (अक्टूबर 2025–मार्च 2026) के लिए 15.00 लाख मैट्रिक टन यूरिया और 3.50 लाख मैट्रिक टन डीएपी की मांग 08 अगस्त 2025 को भेजी गई। उन्होंने कहा कि सभी मांगें फसल सीजन से पूर्व आयोजित जोनल कॉन्फ्रेंस में समय पर भारत सरकार को भेजी गईं। इसके अतिरिक्त डीएपी के विकल्प के रूप में 2.61 लाख मैट्रिक टन एनपीके तथा 4.73 लाख मैट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) उपलब्ध कराया गया है और उर्वरकों की आपूर्ति निरंतर जारी है।