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जयपुर (20 दिसंबर 2025)। पशुपालन, गोपालन एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा है कि श्रीगंगानगर के रायसिंह नगर स्थित इच्छापूर्ण गौशाला में अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। दो दिन पहले इस गौशाला में कुछ गौवंशों की अचानक मृत्यु की खबर आते ही प्रशासन ने तुरंत सक्रिय होकर आवश्यक सभी कार्यवाही करते हुए स्थिति पर तुरंत काबू पा लिया।
कुमावत ने बताया कि निदेशक गोपालन को तीन दिन मौके पर रहकर व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्दश दिए गए हैं। निर्देशानुसार निदेशक गोपालन श्री पंकज ओझा के नेतृत्व में एक दल ने इच्छापूर्ण गोकुल गौशाला समिति, भोमपुरा पहुंचकर हालात का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान गौशाला की समस्त व्यवस्थाओं का सूक्ष्म अवलोकन कर तत्काल सुधारात्मक एवं आवश्यक प्रशासनिक निर्देश जारी कर दिए गए। दल द्वारा किए गए निरीक्षण में यह तथ्य सामने आया है कि पूर्व में मृत पाए गए 40 गौवंश की मृत्यु एकसाथ न होकर क्रमिक रूप से हुई थी तथा सभी मृत गौ-शवों का वैज्ञानिक विधि से निस्तारण सुनिश्चित किया गया है। कुमावत ने बताया कि पिछले तीन दिनों में गौशाला में किसी भी प्रकार की गौवंश की मृत्यु नहीं हुई है।
मंत्री कुमावत ने बताया कि दल ने जिले में कलेक्टर सहित स्थानीय सरपंच और उपखंड अधिकारी के साथ भी इस संबंध में चर्चा कर स्थानीय प्रशासन के सहयोग से व्यापक साफ-सफाई करवा कर अनुकूल वातावरण की व्यवस्था कर दी है। पशुओं के स्वास्थ्य एवं पोषण को प्राथमिकता देते हुए खराब चारे को पूर्णतः हटाकर उत्तम गुणवत्ता का हरा एवं सूखा चारा उपलब्ध कराया गया है। कमजोर गोवंश को अतिरिक्त पोषण के रूप में गुड़ प्रदान किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में रायसिंहनगर के शंभुपुरा के चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेंद्र सुथार के विरूद्ध आवश्यक कार्रवाई कर दी गई है तथा गौशाला संचालक/प्रबंधक के विरुद्ध संबंधित स्थानीय थाना समझौता कोठी में विधिसम्मत प्रकरण दर्ज कराया गया है।
कुमावत ने बताया कि गौशाला की व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी की जा रही है तथा गो-संचालन हेतु नई समिति गठन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जा रही हैं। गौवंशों के उपचार के लिए जिला कार्यालय द्वारा पर्याप्त संख्या में पशु चिकित्सा अधिकारियों, पशुधन निरीक्षकों एवं परिचारकों की ड्यूटी लगाई गई है। पर्याप्त मात्रा में दवाइयां मौके पर उपलब्ध हैं तथा उपचार के बाद स्वस्थ हुए गौवंश को नियमित रूप से पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 104 कमजोर गौवंशों का उपचार किया जा चुका है। वर्तमान में उपचार कार्यों हेतु 13 पशु चिकित्सा अधिकारी, 28 पशुधन निरीक्षक एवं 3 पशुधन परिचर का दल मौके पर तैनात है, जो निरंतर उपचार एवं निगरानी कार्य कर रहा है। सर्दी से बचाव हेतु पशु बाड़ों में बेडिंग मटेरियल, दानदाताओं के सहयोग से 400 गर्म कंबल एवं शेड के पर्दों की समुचित व्यवस्था की गई है।
मंत्री कुमावत ने बताया कि वर्तमान में सारी व्यवस्थाएं नियंत्रण में हैं और पर्याप्त मात्रा में सूखा चारा, हरा चारा दवाइयां कंबल, शेड सब उपलब्ध है पूर्णतया साफ-सफाई है। जिला प्रशासन के नेतृत्व में गौशाला में कार्य किया जा रहा है।