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स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन कर शत—प्रतिशत लक्ष्य हासिल करें— प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य
जयपुर, (13 अगस्त 2025)। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की पहल एवं चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। इसी कड़ी में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बुधवार को स्वास्थ्य भवन सभागार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं की सुगमता से उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसे ध्यान में रखते हुए अधिकारी सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन कर शत—प्रतिशत लक्ष्य हासिल करें। इसमें किसी भी तरह की कोताही पर सख्त एक्शन लिया जाएगा।
राठौड़ ने कहा कि स्वास्थ्य के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हैल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन चलाया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश में नए चिकित्सा संस्थानों, लैब आदि का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि मिशन के तहत नए भवनों के लिए भूमि आवंटन के कार्य को शीघ्र पूरा किया जाए। जिन नवीन चिकित्सा संस्थानों के लिए भूमि आवंटित नहीं हो पाई है, वहां जिला कलक्टर के माध्यम से समन्वय स्थापित कर आवंटन कार्य में तेजी लाएं। साथ ही, निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि प्रदेश में संचालित एम्बुलेंस सेवाओं में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने प्रत्येक एम्बुलेंस के लिए स्थान निर्धारण तथा समय-समय पर एम्बुलेंस की कंडीशन जांचने के लिए नियमित निरीक्षण करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दुर्गम स्थानों जहां चिकित्सा सुविधाएं आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाती, वहां मेडिकल मोबाइल यूनिट के माध्यम से जांच तथा उपचार सेवाएं उपलब्ध करवाई जाए। इसके लिए जिला स्तर से रूटचार्ट निर्धारण कर सुचारू संचालन किया जाए। साथ ही, जिला एवं ब्लॉक स्तर से अधिकारी 108 एम्बुलेंस, जननी एक्सप्रेस, ममता एक्सप्रेस की प्रभावी मॉनिटरिंग करें। इसके लिए सूचना तकनीक का भी उपयोग किया जाए।
प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि चिकित्सा संस्थानों के सुचारू संचालन के लिए पर्याप्त संख्या में मानव संसाधन होना आवश्यक है। विगत कुछ समय में विभाग में बड़ी संख्या में भर्तियां की गई हैं, इससे दूर—दराज के क्षेत्रों में भी स्वास्थ्यकर्मी समुचित संख्या में उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। इसके लिए भर्ती प्रक्रिया को गति दी जाए। साथ ही, उपलब्ध मानव संसाधन का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। स्वास्थ्यकर्मी समय पर कार्यालय में उपस्थित हों और उनके कार्य का मूल्यांकन किया जाए।
राठौड़ ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, अनीमिया मुक्त राजस्थान कार्यक्रम, जेएसवाई भुगतान तथा मा वाउचर योजना की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पिछड़े एवं आदिवासी क्षेत्रों में अनीमिया की जांच एवं उपचार सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि गर्भवती महिलाओं का प्रसव संस्थागत ही हो। साथ ही, निरीक्षण के दौरान यह ध्यान रखा जाए कि किस चिकित्सा संस्थान से अनावश्यक रेफरल हो रहा है, उन पर सख्त एक्शन लिया जाए। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थियों के पेंडिग भुगतान को शीघ्र कराने के लिए एक अभियान चलाकर जीरो पेंडेंसी के निर्देश दिए। साथ ही मा वाउचर योजना के क्रियान्वयन में गंभीरता बरतने के भी निर्देश दिए।
मिशन निदेशक, एनएचएम डॉ. अमित यादव ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
बैठक में अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी.शुभमंगला, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर एवं ओएसडी एनएचएम संतोष गोयल सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।