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जयपुर, (28 फरवरी 2025)। नगरीय विकास एवं आवासन राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि शहरों का विकास एक सतत प्रक्रिया है, राज्य सरकार नगरों के सुनियोजित विकास एवं आधारभूत सुविधाओं के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य सरकार द्वारा 7 शहरों में विकास प्राधिकरण व 10 शहरों में नगर विकास न्यासों का गठन किया गया है।
उन्होंने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में टाउन प्लानिंग के लिए 302 शहरों में से 194 शहरों के मास्टर प्लान व एक लाख से अधिक आबादी वाले 27 शहरों के जोनल डवलपमेंट प्लान अनुमोदित कर लागू किये जा चुके हैं। उन्होंने शेष 108 शहरों के मास्टर प्लान की प्रगति सदन के पटल पर रखी।
नगरीय विकास एवं आवासन राज्य मंत्री शुक्रवार को प्रश्नकाल में इस संबंध में सदस्य द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि शहरों को सुनियोजित विकास एवं आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की सुनिश्चिता के दृष्टिगत राज्य सरकार द्वारा टाउन प्लानिंग अधिनियम एवं भवन विनियम-2020, मुख्यमंत्री जन आवास योजना-2015 एवं टाउनशिप पॉलिसी-2010 का पूर्वावलोकन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इसे और सुदृढ़ करने व आमजन और निवेशकों की सहुलियत के लिए प्रचलित नीति, नियमों व अधिनियमों में संशोधन किया जा रहा है। साथ ही, नए नीति, नियम व अधिनियम तैयार करने की कार्यवाही भी प्राथमिकता से की जा रही है।
इससे पहले विधायक सुखवंत सिंह के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि नियोजित विकास हेतु विभाग द्वारा टाउनशिप पॉलिसी-2010, भवन विनियम-2020, भू-उपयोग परिवर्ततन नियम-2010, मुख्यमंत्री जन आवास योजना-2015, विकास प्रोत्साहन एवं नियंत्रण उपविधियां-2024 (डी.पी.सी.आर.-2024) लागू की गई हैं, जिनके आधार पर ही शहरों के विकास हेतु योजनाएं एवं स्वीकृतियां दी जाती हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के शहरों में नगरीय निकाय गठित हैं, जिनके द्वारा मास्टर प्लान के क्षितिज वर्ष की अवधि में शहर की आवश्यकता के आधार पर मास्टर प्लान/जोनल डवलपमेंट प्लान की समीक्षा की जाकर रिव्यू भी किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एक लाख से अधिक आबादी के शहरों के जोनल डवलपममेंट प्लान बनाये जाना नियमों में आवश्यक किया गया है। स्थानीय निकायों द्वारा एक लाख से कम आबादी के शहरों के भी जोनल डवलपमेंट प्लान बनाये जाने की कार्यवाही की जा सकती है।