Rajasthan Update
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मुख्यमंत्रीभजनलाल शर्मा के नेतृत्व में नागरिक केन्द्रित दृष्टिकोण योजनाओं का बना प्रमुख अंग -राज्य बजट 2026-27 में डिजिटल शासन-पारदर्शी प्रशासन के महत्वपूर्ण प्रावधान

नेक्स्ट जनरेशन सिटीजन सर्विस रिफाॅम्र्स होंगे लागू -आर्थिक समीक्षा 2025-26 में प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदायगी को किया रेखांकित -राजस्थान सम्पर्क से 98 प्रतिशत से अधिक परिवाद हुए निस्तारित

 जयपुर, (18 फरवरी 2026)। अंत्योदय की मूल भावना के अनुरूप राज्य सरकार नागरिक केन्द्रित दृष्टिकोण को अपनी नीतियों एवं योजनाओं का प्रमुख अंग बना रही है। सरकार का उद्देश्य नागरिकों के परिवादों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करते हुए उन्हें सुगम एवं सुलभ सेवाएं प्रदान करना है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 2026-27 के बजट में डिजिटल शासन और पारदर्शी प्रशासन के महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं, जो जनसेवा के उच्चतम मापदंड स्थापित करने में कारगर होंगे।

बजट 2026-27 में प्रदेशवाासियों को त्वरित एवं प्रभावी सुविधाएं सुनिश्चित करने के क्रम में नेक्स्ट जनरेशन सिटीजन सर्विस रिफाॅम्र्स की घोषणा की गई है। इसके अंतर्गत वन्स ओनली प्रिंसिपल को लागू किया जा रहा है। इसमें नागरिकों एवं उद्यमियों से सिर्फ एक बार ही दस्तावेज लिया जाएगा, जिसे विभाग आपस में साझा करेंगे। इसी प्रकार, लोक कल्याणकारी योजनाओं की पात्रता निर्धारण को बेहतर बनाने के लिए जनाधार डेटाबेस को विभिन्न विभागों के मापदंडों और पोर्टल्स से जोड़ने का प्रावधान भी किया गया है। इससे पात्र नागरिकों को सेवाएं समय पर उपलब्ध हो सकेगी।

वाट्सएप के जरिए मिलेगी 100 सेवाएं-

राज्य सरकार ने बजट में प्रमुख सेवाओं को वाट्सएप प्लेटफाॅर्म के माध्यम से शुरू करने की बड़ी घोषणा भी की है। इसमें आमजन को 100 प्रमुख सेवाएं मिल सकेगी। इसी प्रकार, 25 हजार युवाओं एवं महिलाओं को मिनी ई-मित्र के रूप में अधिकृत किया जाएगा, जो मोबाइल आधारित सेवाएं प्रदान करेंगे। वहीं, समस्त नगरीय निकायों में चरणबद्ध रूप से स्मार्ट सेवा केन्द्र स्थापित कर आमजन को जन्म-मृत्यु व विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र, फायर एनओसी एवं अन्य अनुज्ञा पत्र संबंधी सेवाएं आॅनलाइन करने का प्रावधान भी किया गया है।

सीएम-प्रमाण से होगा प्रभावी नीतियों का निर्माण-

राज्य सरकार ने डिजिटल राजस्थान के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नवीन आईटी पाॅलिसी की महत्वपूर्ण घोषणा की है। वहीं, स्टेट डेटा सेंटर की विभिन्न सेवाएं स्टार्टअप्स, एमएसएमई और नागरिकों को किफायती दर पर उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर फेसिलिटेशन पाॅलिसी और आपदा प्रबंधन, शहरी नियोजन, कृषि एवं पर्यावरण निगरानी में निर्णय क्षमता संवर्धन के लिए जिओ स्पेसियल पाॅलिसी की घोषणा भी की गई है। परिणामोन्मुखी जनकल्याणकारी योजनाओं और साक्ष्य आधारित नीति निर्माण के लिए सीएम-प्रमाण (पाॅलिसी, रिसर्च एंड एनालिटिक्स फोर मेजरेबल एक्शन एण्ड नेक्सस) यूनिट स्थापित की जाएगी। वहीं, नीति आयोग की तर्ज पर गठित राजस्थान इंस्टीट्यूट फाॅर ट्रांसफाॅरमेशन एण्ड इनोवेशन (रीती) के 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

राजकीय कार्यालयों में विकास कार्यों के लिए 3 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान-

नागरिकों के लिए सेवाओं और सुविधाओं का विस्तार करने के लिए में राजकीय कार्यालयों का निरंतर निर्माण और उन्नयन हो रहा है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने नवगठित 8 जिलों में मिनी सचिवालय और अन्य प्रमुख कार्यालयों से संबंधित भवन निर्माण, 94 नवीन पंचायत समितियों तथा 3 हजार 467 ग्राम पंचायतों में आधारभूत संरचना सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए 3 हजार करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान भी किया है। वहीं, सुशासन और जनसहभागिता को प्रोत्साहित करने के क्रम में राजस्थान जन विश्वास अधिनियम 2.0 की बजट में घोषणा की गई है।

राजकिसान साथी पोर्टल के जरिए किसानों को 3 हजार 566 करोड़ रुपये की डीबीटी-

वर्ष 2025-26 की आर्थिक समीक्षा ने नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदायगी को रेखांकित किया गया है। इसके अनुसार राजस्थान सम्पर्क 181 के माध्यम से वर्ष 2025 में कुल 34.43 लाख पंजीकृत परिवादों में से 33.88 लाख परिवादों (98 प्रतिशत से अधिक) का निस्तारण हुआ है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस फ्रेमवर्क को उन्न्नत करते हुए राजस्थान सम्पर्क 2.0 भी शुरू किया है। वहीं, डिजिटल सेवाओं के माध्यम से किसानों के सामाजिक और आर्थिक जीवन में बड़ा बदलाव आ रहा है। राजकिसान साथी पोर्टल के जरिए दिसम्बर, 2025 तक किसानों को कुल 3 हजार 566 करोड़ रुपये की डीबीटी का हस्तांतरण किया जा चुका है। 1.53 करोड़ से अधिक सीड मिनीकिट्स एवं 1.35 लाख से अधिक बीजों, उर्वरकों एवं कीटनाशकों के गुणवत्ता नियंत्रण नमूने की सुविधा भी मिल चुकी है।

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