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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने पेंशनर्स से की शीघ्र वार्षिक सत्यापन की अपील सत्यापन नहीं होने पर रुक सकती है जनवरी माह की पेंशन
जयपुर, (12 जनवरी 2026)। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के सभी लाभार्थियों से वार्षिक सत्यापन शीघ्र करवाने की अपील की है। नियमानुसार पेंशनर्स द्वारा वार्षिक सत्यापन नहीं करवाने पर जनवरी माह की पेंशन रोकी जा सकती है।
गौरतलब है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के सभी लाभार्थियों द्वारा प्रति वर्ष स्वयं का भौतिक सत्यापन करवाना आवश्यक होता है। कलेण्डर वर्ष के लिए भौतिक सत्यापन का कार्य 1 नवम्बर से 31 दिसम्बर की अवधि में संचालित किया जाता है। इस अवधि में वार्षिक सत्यापन नहीं करवाने वाले पेंशनर्स की पेंशन का भुगतान माह जनवरी से रोका जा सकता है।
कई मामलों में ई-मित्र संचालकों द्वारा वार्षिक सत्यापन के समय पेंशनर्स से चाही गई घोषणाओं के संबंध में गलत विकल्प का चयन किए जाने के कारण उनकी पेंशन स्थाई रूप से रुक जाती है। ऐसे प्रकरणों में पेंशनर की स्थिति ‘‘स्थाई रूप से रोका गया‘‘ प्रदर्शित होता है। ऐसे प्रकरणों में पेंशन स्वीकृतिकर्ता अधिकारियों द्वारा पेंशनर के दस्तावेजों की जांच कर पेंशन पोर्टल पर पेंशन पुनः प्रारम्भ की जाती है और आगामी माह में उनको देय पेंशन का एरियर सहित बिल बनाकर भुगतान प्रोसेस किया जाता है।
उल्लेखनीय है कि पेंशन संबंधी वार्षिक सत्यापन का कार्य सम्पूर्ण वर्ष जारी रहता है। परन्तु वार्षिक सत्यापन के लिए निर्धारित अवधि में सत्यापन नहीं करवाने वाले पेंशनर्स की पेंशन का भुगतान रोका जा सकता है।
वार्षिक भौतिक सत्यापन प्रक्रिया
पेंशन लाभार्थी द्वारा अपने वार्षिक भौतिक सत्यापन के लिए ई-मित्र कियोस्क/ई-मित्र प्लस आदि केन्द्रों पर अंगुली की छाप (Finger Print Impression – Biometrics) से करवाया जा सकेगा। इसके लिए लाभार्थी को ई-मित्र कियोस्क पर निर्धारित शुल्क 50 रुपए एवं ई-मित्र प्लस पर 10 रुपए का भुगतान करना होगा। वार्षिक भौतिक सत्यापन के लिए एन्ड्राइड मोबाइल एप्प Rajasthan social pension and Aadhar face RD के माध्यम से लाभार्थी के फेस रिकाग्निशन के आधार पर किया जा सकेगा। यह सुविधा निःशुल्क है।
पेंशन रुकने पर अपनाएं यह प्रक्रिया
इस प्रक्रिया के बाद भी यदि किसी पेंशनर का वार्षिक भौतिक सत्यापन नहीं हो तो पेंशनर को संबंधित पेंशन स्वीकृतिकर्ता अधिकारी (उप खण्ड अधिकारी/विकास अधिकारी) के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होता है। पेंशन स्वीकृतिकर्ता अधिकारी (उप खण्ड अधिकारी/विकास अधिकारी) पेंशन पोर्टल SSP.Rajasthan.gov.in पर लॉगइन कर संबंधित पेंशनर का पीपीओ नम्बर दर्ज करने पर उक्त पेंशनर के रजिस्टर्ड मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के आधार पर भौतिक सत्यापन करता है।
इस प्रक्रिया से भी पेंशनर का वार्षिक सत्यापन नहीं होने पर पेंशनर को संबंधित स्वीकृतिकर्ता अधिकारी के कार्यालय में स्वयं के दस्तावेजों यथा पीपीओ, जनाधार, आधार आदि के साथ व्यक्तिशः उपस्थित होने या फील्ड कार्मिकों की रिपोर्ट के अनुसार उनके दस्तावेजों की जांच के आधार पर संबंधित स्वीकृतिकर्ता अधिकारी द्वारा उनका वार्षिक भौतिक सत्यापन किया जाएगा। भौतिक सत्यापन करते समय संबंधित स्वीकृतिकर्ता अधिकारी के आधार से जुड़े मोबाइल पर ओटीपी प्राप्त होगा, जिसके माध्यम से पेंशनर का वार्षिक सत्यापन किया जा सकेगा। वार्षिक सत्यापन के समय स्वीकृतिकर्ता अधिकारी द्वारा एक घोषणा का चयन करना होगा जिसमें उल्लिखित होगा कि ‘‘मैने पेंशनर के दस्तावेजों को व्यक्तिशः जांच लिया है एवं पेंशनर मेरे समक्ष व्यक्तिशः उपस्थित हुआ है।‘‘
निरस्त पेंशन के संबध में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया
नियमानुसार सभी पेंशन स्वीकृतिकर्ता अधिकारियों को उनके क्षेत्र के पेंशनर्स की निरस्त पेंशन को उनकी पात्रता के आधार पर पुनः प्रारम्भ किए जाने की सुविधा पेंशन पोर्टल पर उपलब्ध है। इसके लिए उन्हें पेंशनर का पेंशन स्वीकृति संख्या (पीपीओ नम्बर) एवं जनआधार नम्बर पोर्टल पर अंकित किया जाना होता है। यदि जनआधार डाटा के अनुसार पेंशनर पात्र है तो ऐसी पेंशन पुनः प्रारम्भ हो जाती है तथा आगामी माह में उनको देय पेंशन का एरियर सहित बिल बनाकर भुगतान प्रोसेस किया जाता है। यदि जनआधार डाटा के अनुसार पेंशनर पेंशन का पात्र नहीं है तो ऐसी स्थिति में समुचित संदेश पोर्टल पर प्रदर्शित होता है उसके अनुसार डाटा संशोधन करने के उपरान्त पेंशन को पुनः प्रारम्भ किया जा सकता है। किसी भी स्थिति में 36 माह से पूर्व निरस्त पेंशन को पुनः प्रारम्भ नहीं किया जा सकता है।
लौटाए गए भुगतान को पुनः प्रारम्भ करने के संबंध में प्रक्रिया
सभी पेंशनर को उनके जनआधार से जुडे बैंक खातों के माध्यम से भुगतान किया जाता है। फिर भी किसी मामले में बैंक द्वारा खाता बन्द अथवा संचालन में नहीं होने की टिप्पणी अंकित कर भुगतान लौटा दिया जाता है। ऐसे प्रकरणों में पेंशनर को आगामी माह से भुगतान प्रोसेस नहीं किया जाता है। इस संबंधी रिपोर्ट पेंशन पोर्टल पर सभी पेंशन स्वीकृतिकर्ता अधिकारियों को उनके लॉगइन पर प्रदर्शित होती है, उनसे अपेक्षा है कि समय-समय पर इस रिपोर्ट का अवलोकन करते रहें और ऐसे पेंशनर्स से सम्पर्क कर उनके बैंक खातों संबंधी त्रुटि का निवारण कर उनके लौटाए गए भुगतान को पुनः प्रोसेस करने की अनुमति पोर्टल पर प्रदान करना सुनिश्चित करें ताकि पेंशनर को पेंशन के भुगतान में व्यवधान नहीं हो।
अपात्र पेंशनर की पेंशन निरस्त किए जाने के संबंध में प्रक्रिया
यदि किसी पेंशन स्वीकृतिकर्ता अधिकारी की जानकारी में आता है कि कोई पेंशनर पेंशन के लिए अपात्र हो गया है तो उन्हें यथाशीघ्र इस सूचना या कारण को को पेंशन पोर्टल पर अपडेट किया जाकर ऐसी पेंशन को निरस्त करना होता है तथा नियमानुसार यदि पेंशनर से किसी प्रकार की वसूली की जानी है तो इस संबंध में पोर्टल से बैंक के नाम अपात्र पेंशनर अथवा उनके परिवार के सदस्यों से वसूल की जाने वाली राशि के संबंध में जारी किया जाने वाला पत्र संबंधित बैंक को प्रेषित करना होगा। बैंक द्वारा पेंशनर के खातों से वसूल की गई राशि का बैंकर्स चैक अथवा डिमान्ड ड्राफ्ट संबंधित जिले के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को प्रेषित करना होता है, विभागीय जिलाधिकारी द्वारा यह राशि राजकोष में जमा करवाई जाती है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सुशासन में विभाग की मंशा ज्यादा से ज्यादा पात्र पेंशनर्स को नियमित सामाजिक सुरक्षा पेंशन उपलब्ध कराने की है। विभाग हर वो प्रक्रिया अपनाता है जिससे पेंशनर्स को बिना किसी परेशानी के सुगमता से पेंशन मिलती रहे।