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जयपुर, (4 जुलाई 2024)। गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने गुरूवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार गौ कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। नियमों के तहत आवेदन करने पर पंचायत स्तर पर गौशालाएं एवं नन्दीशालाएं खोली जाएंगी।
गोपालन मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि गौशालाएं संचालित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा नियमानुसार अनुदान राशि दी जाती है। साथ ही राजस्थान भू-राजस्व नियम के तहत गौशालाओं हेतु भूमि आवंटन के प्रावधान किये गये हैं।
इससे पहले विधायक कैलाश चन्द वर्मा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में कुमावत ने बताया कि गौशालाओं हेतु भूमि आवंटन के सम्बन्ध में राजस्थान भू-राजस्व (गौशाला को भूमि का आवंटन) नियम, 1957 में प्रावधान किये गये हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा गौशालाओं के लिए अनुदान राशि दी जाती है। चारे की बढ़ी हुई दरों को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 से गौशालाओं में संधारित गौवंश के भरण-पोषण हेतु दी जा रही सहायता राशि की अवधि 180 दिवस से बढ़ाकर 270 दिवस की जा चुकी है।
कुमावत ने बताया कि वर्तमान में बडे़ गौवंश हेतु 40 रूपये तथा छोटे गौवंश हेतु 20 रूपये प्रति गौवंश प्रति दिन की दर से सहायता राशि 270 दिवस की दिये जाने का प्रावधान है। साथ ही गौशालाओं में अंधे एवं अपाहिज गौवंश तथा नंदीशालाओं में संधारित नर गौवंश को वर्ष भर की सहायता दिये जाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि पात्र गौशालाओं का अनुदान वित्तीय संसाधनों की उपलब्धतानुसार बढाया जाता है।