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जयपुर, (18 अगस्त 2023)। बालिका शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर राज्य स्तरीय कार्यशाला 16-18 अगस्त 2023 को जयपुर में आयोजित की गयी । बैठक में बालिका शिक्षा से जुड़े सभी मुद्दों से जुड़ी चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गयी | कार्यशाला में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और खेल के अवसरों तक लड़कियों की पहुँच में आने वाली महत्वपूर्ण समस्याओं का समाधान करने के लिए राजस्थान के 15 जिलों में काम करने वाले 9 गैर सरकारी संगठनों और उनकी युवा एवं बालिका नेतृत्वकर्ताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों और संभावित समाधान पर ध्यान केंद्रित किया गया । यह कार्यशाला विशेष रूप से राजस्थान में किशोरियों के अधिकारों के लिए चल रहे राइज अप कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जिसके तहत शिक्षा से जुड़े छह मुद्दों जैसे शिक्षा से वंचित /ड्राप आउट बालिकाएं, शिक्षा में खेल-कूद, विज्ञान एवं तकनीकी, वाश एवं हाइजीन, ओपन स्कूल एवं पुस्तकालय पर विभिन्न जिलों में इस एक वर्षीय कार्यक्रम पर इन सहयोगी संस्थाओं ने कार्य किया | इस कार्यशाला में कुल 58 प्रतिभागियों ने भाग लिया |
राजस्थान राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने संभागी बालिकाओं की शिक्षा से सम्बंधित समस्याओं को सुना और उनपर अपनी बात रखते हुए कहा कि वह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगी कि आगामी बजट आयोजना के समय बालिका प्रतिनिधियों की बात भी सुनी जाए और तदनुसार बजट प्रावधान किये जाएँ | निशुल्क बालिका शिक्षा के चलते राजकीय विद्यालयों में बालिकाओं से लिए जा रहे विविध प्रकार के शुल्कों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शुल्क वसूलना गलत है और वे प्रयास करेंगी कि इस प्रकार का शुल्क किसी भी रूप में बालिकाओं से न लिया जाए |
कार्यशाला में नवीन जैन, शासन सचिव (विद्यालय शिक्षा) ने उपस्थित बालिकाओं के मुद्दों को सुना और उनपर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राजस्थान जैसे बड़े राज्य में शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर कार्य करना अत्यंत ही चुनौतीपूर्ण है और सरकार इस क्षेत्र में व्यापक रूप से कार्य कर रही है और पिछले 10 से 15 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में काफी काफी परिवर्तन आया है | उन्होंने कहा कि शिक्षा की चुनौतियों को उससे जुड़े सभी हितधारकों जैसे अभिभावक, पंचायत राज प्रतिनिधि एवं सामाजिक संस्थाओं के दायित्व के सन्दर्भ में समझा एवं विचार किया जाना चाहिए | उन्होंने बालिका शिक्षा के लिए उनके विभाग द्वारा किये जा रहे प्रयासों के बारे में भी बताया और बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत समस्याओं और उनके समाधान के रूप में उल्लिखित मांगों पर विचार करने का भी आश्वासन दिया |
इस कार्यशाला का आयोजन सेंटर फॉर अनफोल्डिंग लर्निंग पोटेंशियल्स (कल्प), विकल्प और विशाखा ने सहयोगी संस्थाओं दूसरा दशक, उरमूल सेतु, पारदर्शिता, शिव शिक्षा समिति, शेयर अ बुक, विद्यालय उद्यम के सहयोग से किया | इन संस्थाओं के साथ जुड़े कुल 58 बालिकाओं एवं संस्था प्रतिनिधियों ने शिक्षा से जुड़े अपने मुद्दों पर बात रखी | ये बालिकाएं चाहती हैं कि सक्षम अधिकारी उनकी आवाज़ों और उनकी चिंताओं पर विचार करें और प्रस्तुत अनुशंसाओं पर उचित कार्यवाही करें ताकि इसका समस्त राज्य की बालिकाएं इससे लाभान्वित एवं सशक्त हो सकें |