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केंद्र सरकार की SASCI पहल के तहत राज्य को 11 हजार करोड़ रुपए तक की ब्याज मुक्त सहायता
SASCI प्रगति की पाक्षिक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश
जयपुर, (15 मई 2026)। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में केंद्र सरकार की ‘स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (SASCI) 2026-27’ तथा ‘फाइनेंशियल असिस्टेंस फॉर पब्लिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर 2026-27’ के राजस्थान से सम्बंधित मुद्दों की समीक्षा करते हुए कहा कि यह केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसके अंतर्गत राजस्थान को लगभग 11 हजार करोड़ रुपए तक का 50 वर्ष के लिए ब्याज मुक्त ऋण सहायता प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि इस सहायता राशि का उपयोग राज्य में 5 करोड़ रुपए अथवा उससे अधिक लागत वाली पूंजीगत परियोजनाओं एवं आधारभूत विकास कार्यों के लिए किया जा सकेगा, जिससे राज्य में विकास गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि SASCI राज्य के कैपिटल एक्सपेंडिचर सघनता वाले प्रोजेक्ट्स के लिए किसी वरदान से कम नहीं है तथा इसके माध्यम से आधारभूत संरचना निर्माण, आर्थिक गतिविधियों के विस्तार एवं भविष्य की उत्पादक क्षमता को मजबूती मिलेगी। उन्होंने विभागों को गुणवत्तापरक मानकों की प्राप्ति, समयबद्ध क्रियान्वयन तथा केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित रिफॉर्म्स एवं माइलस्टोन को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि ‘फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व’ आधार पर जारी की जाती है, इसलिए सभी विभाग लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा परियोजनाओं एवं आवश्यक विवरणों की शीघ्र अपलोडिंग करें। उन्होंने SASCI की प्रगति की पाक्षिक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए विभागों के बीच बेहतर समन्वय एवं नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया।
बैठक में प्रमुख शासन सचिव वित्त विभाग वैभव गालरिया ने योजना की विस्तृत प्रस्तुति देते हुए बताया कि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए योजना के अंतर्गत राज्यों को 2 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि यह सहायता सामान्य नेट बॉरोइंग सीमा से अतिरिक्त रूप में पूंजीगत निवेश परियोजनाओं के लिए उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 में राजस्थान का लक्ष्य लगभग 11 हजार करोड़ रुपए की सहायता प्राप्त करने का है, जबकि वर्ष 2025-26 में राज्य को 10,547.88 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष योजना को 12 भागों में पुनर्गठित किया गया है तथा अब योजना का बड़ा हिस्सा विभिन्न सुधारात्मक पहलों एवं प्रदर्शन आधारित मापदंडों से जुड़ा हुआ है।
गालरिया ने बताया कि योजना के अंतर्गत अनटाइड सहायता, केंद्रीय योजनाओं में राज्यांश, पूंजीगत व्यय लक्ष्य प्राप्ति, सार्वजनिक वित्तीय आईटी अवसंरचना सुदृढ़ीकरण, खनन क्षेत्र सुधार, दूरसंचार अधिनियम-2023 के तहत राइट ऑफ वे नियमों का क्रियान्वयन, कृषि क्षेत्र में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (एग्री-स्टैक), पशुपालन क्षेत्र सुधार, वित्तीय प्रबंधन दक्षता, वित्तीय अनुशासन एवं फिस्कल कंसोलिडेशन तथा सीबीजी सेक्टर सुधार जैसे प्रमुख घटकों को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य अवसंरचना सुदृढ़ीकरण के लिए भी विशेष वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2020-21 से संचालित SASCI पहल के अंतर्गत राज्यों को पूंजीगत निवेश परियोजनाओं के लिए 50 वर्ष की ब्याज मुक्त ऋण सहायता उपलब्ध कराई जाती है। योजना का उद्देश्य राज्यों में पूंजीगत व्यय बढ़ाने, आर्थिक विकास को गति देने तथा आधारभूत संरचना को मजबूत करना है।
बैठक में प्रमुख शासन सचिव पशुपालन, मत्स्य एवं गौ-पालन विभाग विकास सीतारामजी भाले, प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी एवं पंचायती राज मंजू राजपाल, शासन सचिव ग्रामीण विकास विभाग कृष्ण कुणाल, शासन सचिव एवं आयुक्त पंचायतीराज डॉ. जोगा राम, अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक राजस्थान अक्षय उर्जा निगम लिमिटेड डॉ. रोहित गुप्ता, शासन सचिव कार्मिक विभाग अर्चना सिंह, आयुक्त एवं विशिष्ठ शासन सचिव सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग हिमांशु गुप्ता, विशिष्ट शासन सचिव खान एवं पैट्रोलियम विभाग श्रीमती नम्रता वृष्णि, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा विभाग बाबूलाल गोयल सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।