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जयपुर, (21 अप्रेल 2026)। प्रदेश से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित चारधाम यात्रा के लिए जाने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने हैल्थ एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में यात्रा के दौरान आवश्यक तैयारी, जरूरी वस्तुएं साथ में रखने एवं स्वास्थ्य संबंधी बिन्दुओं को शामिल किया गया है।
निदेशक जन-स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित तीर्थ स्थानों में यात्री का स्वास्थ्य अत्यधिक ठण्ड, कम आर्द्रता, अत्यधिक अल्ट्रा वॉइलेट रेडिएशन, कम हवा का दबाव और कम ऑक्सीजन की मात्रा से प्रभावित हो सकता है। ऐसे में सभी सुगम एवं सुरक्षित यात्रा हेतु दिशा—निर्देशों का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि यात्री अपनी यात्रा की योजना कम से कम 7 दिनों के लिए बनाएं, वातावरण के अनुरूप ढ़लने के लिए समय दें। ट्रेक के हर एक घंटे बाद या ऑटोमोबाइल चढ़ाई के हर 2 घंटे बाद, 5-10 मिनट का ब्रेक लें। रोजाना 5-10 मिनट के लिए श्वास व्यायाम का अभ्यास एवं रोजाना 20-30 मिनट टहलना चाहिए।
डॉ. शर्मा ने बताया कि वृद्धजन या हृदय रोग, अस्थमा, उच्च रक्तचाप या मधुमेह से ग्रसित रोगी फिटनेस सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य जांच अवश्य करवाएं। साथ ही, गर्म कपड़े एवं बारिश से बचाव के लिए रेनकोट, छाता आदि साथ में लें। स्वास्थ्य जांच उपकरण पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर भी साथ रखें। हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, अस्थमा, मधुमेह रोग वाले यात्री सभी जरूरी दवा, परीक्षण उपकरण और चिकित्सक का संपर्क नंबर साथ रखें।
निदेशक जन-स्वास्थ्य ने बताया कि यात्रा के दौरान शराब, कैफीनयुक्त ड्रिंक्स, नींद की गोलियां और शक्तिशाली दर्द निवारक दवाओं का सेवन न करें, धूम्रपान से भी बचें। यात्रा के दौरान कम से कम दो लीटर तरल पदार्थ पिएं और भरपूर पोष्टिक आहार लें। कृपया अपनी यात्रा से पहले मौसम रिपोर्ट की जांच करें। उन्होंने बताया कि अगर डॉक्टर यात्रा न करने की सलाह देते हैं, तो यात्रा न करें।
उत्तराखंड में चिकित्सा विभाग के सहायक निदेशक डॉ. अमित शुक्ला ने बताया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित टोल फ्री नंबर 104 पर कॉल कर तत्काल मदद प्राप्त की जा सकती है। यदि किसी भी यात्री को सांस की तकलीफ (बात करने में कठिनाई), लगातार खांसी, चक्कर आना, भटकाव (चलने में कठिनाई), उल्टी, शरीर के एक तरफ कमजोरी या सुन्नता जैसे लक्षण दिखाई दें तो निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र या टोल फ्री नंबर की मदद अवश्य लें। उन्होंने बताया कि वृद्धजन, गर्भवती महिलाएं, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, अस्थमा, मधुमेह या अधिक मोटापे से ग्रस्त यात्री चिकित्सा इकाइयों पर संपर्क करें और अपने स्वास्थ्य की जांच करवाएं। इसके अतिरिक्त कोई भी स्वास्थ्य सम्बंधित आपातकालीन घटना होने पर 104 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।