Rajasthan Update - पढ़ें भारत और दुनिया के ताजा हिंदी समाचार, बॉलीवुड, मनोरंजन और खेल जगत के रोचक समाचार. ब्रेकिंग न्यूज़, वीडियो, ऑडियो और फ़ीचर ताज़ा ख़बरें. Read latest News in Hindi.
Sign in
Sign in
Recover your password.
A password will be e-mailed to you.
जयपुर, (24 फरवरी 2026)। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि आबकारी विभाग को नियमित गश्त एवं आमजन के माध्यम से अवैध शराब की दुकानों के संचालन की जानकारी मिलती है। सूचना प्राप्त होने पर विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक रामनिवास गावड़िया द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का आबकारी मंत्री की ओर से जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि में वर्तमान में 145 आबकारी पुलिस स्टेशन कार्यरत हैं। एक्साइज प्रिवेंटिव फोर्स द्वारा समय-समय पर गश्त कर अनाधिकृत मदिरा विक्रय करने वालों के विरूद्ध नियमानुसार अभियोग पंजीकृत कर कार्यवाही की जाती है। उन्होंने बताया कि यदि कोई लाइसेंसधारी डीलर अवैध दुकान का संचालन करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध भारी जुर्माना लगाया जाता है। साथ ही उसके लाइसेंस को निलंबित या निरस्त किया जाता है तथा संबंधित दुकान को ब्लैकलिस्ट भी किया जाता है।
उन्होंने जानकारी दी कि विधानसभा क्षेत्र परबतसर में वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक 27 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 13 चालान प्रस्तुत किए जा चुके हैं तथा 14 प्रकरणों में जांच जारी है। इस अवधि में विभाग द्वारा 404 लीटर देशी शराब, 110 लीटर बीयर एवं 82 लीटर हथकढ़ मदिरा जब्त की गई है।
इससे पहले सदस्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में समस्त मदिरा दुकानें आबकारी एवं मद्य संयम नीति 2025-29 एवं राजस्थान आबकारी नियम 1956 के नियम 75 में वर्णित प्रावधानों के तहत स्वीकृत होकर संचालित हैं।
उन्होंने बताया कि शराब लाइसेंसधारियों द्वारा स्वीकृत मदिरा दुकानों के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर शराब का विक्रय नहीं किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि विधान सभा क्षेत्र परबतसर में वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में 19 मदिरा दुकानें स्वीकृत हैं। जिनका विवरण उन्होंने सदन के पटल पर रखा।