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बकाया ब्याजमाफी की एमनेस्टी योजना के बड़े बकायादारों से अधीक्षण खनिज अभियंता
वन टू वन करेंगे संवाद, फील्ड अधिकारियों को देने होंगे ठोस रिजल्ट - टी. रविकान्त
जयपुर, (15 सितंबर 2025)। प्रमुख शासन सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त की अध्यक्षता में सोमवार को विभागीय अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक का आयोजन हुआ। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि खान विभाग की बकाया ब्याजमाफी की एमनेस्टी योजना के बड़े बकायादारों से अधीक्षण खनिज अभियंता वन टू वन संवाद कर वसूली कार्य को गति देंगे। साथ ही अन्य बकायादारों से संबंधित खनिज अभियंता और सहायक खनिज अभियंता संपर्क करेंगे और योजना प्रावधानों की जानकारी देते हुए इस योजना के दायरें में आने वाली राशि की वसूली के ठोस प्रयास करेंगे।
प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि राज्य स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा होगी वहीं खान विभाग के वित्तीय सलाहकार प्रतिदिन रिपोर्ट तैयार कर सरकार को अवगत कराएंगे। अतिरिक्त निदेशक वृत नियतकालीन समीक्षा करते हुए वृत स्तर पर मार्गदर्शन व समन्वय बनायेंगे।
टी. रविकान्त ने कहा कि राज्य सरकार राजस्व वसूली को लेकर गंभीर है और इसमें किसी तरह की कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि विभागीय एमनेस्टी योजना में बकाया मूलराशि में अधिकतम 90 प्रतिशत तक की छूट देते हुए सरल और लाभकरी बनाया गया है। फील्ड अधिकारियों का दायित्व हो जाता है कि वे योजना के दायरें में आने वाले सभी बकायादारों से संपर्क कर वसूली के ठोस प्रयास करें। उन्होंने न्यायालय में स्टे प्राप्त प्रकरणों को छोड़कर शेष प्रकरणों में भी वसूली प्रयासों में तेजी लाएं।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री एवं खान मंत्री भजन लाल शर्मा ने विभागीय एमनेस्टी योजना लागू करने की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए इस योजना से राज्य सरकार के बकाया राजस्व की वसूली हो सकेगी। साथ ही वसूली प्रयासों में लगने वाले अनावश्यक समय व धन की बचत होने से वसूली कार्य में नियोजित मानव संसाधन का प्रोडक्टिव कार्यों में उपयोग होगा।
प्रमुख शसन सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि अगस्त तक खान विभाग में 3460 करोड़ रु. से अधिक का राजस्व संग्रहित किया गया है। उन्होंने पुरानी और चालू बकाया की वसूली के साथ ही अवैध खनन गतिविधियों में लगाए गए जुर्माना राषि की वसूली के निर्देष दिए। उन्होंने कहा कि बकाया राशि संग्रहण के स्पष्ट परिणाम दिखाई दिए जाने चाहिए।
रविकान्त ने विधानसभा प्रश्नों, ध्यानाकर्षन सहित विधान सभा से संबंधित जबाव, मुख्यमंत्री सहित अन्य स्थानों से प्राप्त प्रकरणों के समयवद्ध निष्पादन और ई फाईल निष्पादन समय को न्यूनतम स्तर पर लाने के निर्देष दिए।
अतिरिक्त निदेशक मुख्यालय महेष माथुर ने बताया कि राज्य सरकार ने इस साल राजस्व लक्ष्य बढ़ाया गया है ऐसे में वसूली प्रयासों को गति देनी होगी।
वित्तीय सलाहकार गिरिश कछारा ने बताया कि मुख्यालय स्तर पर राजस्व संग्रहण की नियमित मोनेटरिंग की जा रही है।
बैठक में ओएसडी श्रीकृष्ण शर्मा, एसजी सचिवालय सुनील वर्मा, जेएलआर गजेन्द्र सिंह ने हिस्सा लिया। अतिरिक्त निदेशक एमपी मीणा, वाईएस सहवाल, अधिक्षण खनिज अभियंताओं में एनएस शक्तावत, धर्मेन्द्र लोहार, कमले बारेगामा, देवेन्द्र गौड, अविनाश कुलदीप, सुनील शर्मा, ओपी काबरा, अनिल खमेसरा, जयगुरुबख्सानी, एसजी नितिन चौधरी सहित मुख्यालय व खनिज अभियंता व सहायक खनिज अभियंता स्तर के फील्ड अधिकारियों ने हिस्सा लिया।