Rajasthan Update - पढ़ें भारत और दुनिया के ताजा हिंदी समाचार, बॉलीवुड, मनोरंजन और खेल जगत के रोचक समाचार. ब्रेकिंग न्यूज़, वीडियो, ऑडियो और फ़ीचर ताज़ा ख़बरें. Read latest News in Hindi.
जयपुर/झुंझुनूं (3 फरवरी 2026) । काटली नदी बचाओ जन अभियान सयोंजक सुभाष कश्यप ने सोमवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से राजकीय आवास पर आयोजित जन सुनवाई में भेंट कर काटली नदी को पुनर्जीवित करने की माँग की । पाकिस्तान को सिंधु जल समझौता अंतर्गत दिया जाने वाले पानी के करार को ऑपेरशन सिंदूर के समय भारत ने रद्द कर दिया था उक्त जल को काटली नदी में बाँध बनाकर पाइपलाइन के जरिये प्रवाहित किये जाने की मांग की ।
सरस्वती रूरल एंड अरबन डवलपमेंट सोसाइटी झुंझुनूं अध्यक्ष सुभाष कश्यप ने माँग पत्र में नदी क्षेत्र को पुनर्जीवित करने हेतु जी राम जी के जरिये उपयोगी कार्य करवाते हुए वृक्षारोपण, समतलीकरण, सीमांकन इत्यादि की माँग की । मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में केंद्र सरकार से चंबल, काली सिंध, पार्वती, लूणी, साहबी, घग्घर, काटली, सोती, बनास, बाण इत्यादि नदियों को आपस मे जोड़ने, नदी बहाव क्षेत्र के जल दोहन को नियंत्रित करने, ड्रोन द्वारा कृत्रिम बारिश करवाने व काटली नदी की 1947 की राजस्व रिकॉर्ड स्थिति को बहाली, आस पास की बंजड़, चारागाह एवम वन विभाग की भूमि को भी अतिक्रमण मुक्त करवा कर इसे वन्य जीव अभ्यारण बनाने की माँग की ।
कश्यप ने कहा कि राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के आदेश पर काटली नदी से अतिक्रमण हटाने का महा अभियान जारी है ऐसे में सरकार को भविष्य में होने वाले पुनः अतिक्रमणों की प्रभावी रोक की मांग का आग्रह करते हुए काटली नदी के सहायक नालों व जल स्रोतों को भी अतिक्रमण मुक्त करने की माँग की । काटली नदी में अतिक्रमण हटाने व आवंटन निरस्त करने के उपरांत प्रभावित व्यक्तियों की आजीविका हेतु सम्बधित को विस्तापित अथवा आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने का भी आग्रह किया । काटली नदी बचाने हेतु विस्तृत कार्य योजना मांग पत्र के अनुसार यह नदी वैदिक काल मे जयपुर जिले के शाहपुरा से आरम्भ हो कर वर्तमान के सीकर, झुंझुनूं, चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर आदि जिलों में बहती हुई सिंधु नदी में जाकर मिलती थी, यह प्रमुख जल मार्ग थी तथा इसके किनारे ताम्र कालीन गणेश्वर व सुनारी सभ्यता थी जिसका सम्बन्ध सिंधु घाटी सभ्यता से है, उस समय व्यापार का प्रमुख मार्ग भी रही है परंतु वर्तमान में काटली नदी लुप्त हो चुकी है जिसके पुनर्जीवित हो जाने से शेखावाटी की 80 लाख से अधिक की आबादी सीधे लाभन्वित होगी ।
कश्यप ने काटली नदी के साथ साथ राज्य के सभी नदी नालों व जल स्रोतों के संरक्षण के स्थायी उपाय हेतु “राजस्थान नदी व जल संरक्षण आयोग” बनाने की मांग की