Rajasthan Update
Rajasthan Update - पढ़ें भारत और दुनिया के ताजा हिंदी समाचार, बॉलीवुड, मनोरंजन और खेल जगत के रोचक समाचार. ब्रेकिंग न्यूज़, वीडियो, ऑडियो और फ़ीचर ताज़ा ख़बरें. Read latest News in Hindi.

4 हजार मेगावाट के स्तर पर पहुंची पीएम-कुसुम परियोजनाएं

जयपुर, (23 अप्रेल 2026)। पीएम-कुसुम योजना के तहत प्रदेश में स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्रों की कुल क्षमता 4 हजार मेगावाट के स्तर को छू गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के मार्गदर्शन में विगत ढ़ाई वर्षों में राजस्थान ने इस योजना में शानदार सफलता अर्जित की है।

पूर्ववर्ती सरकार के समय जहां मात्र 122 मेगावाट क्षमता के सिर्फ 92 प्लांट लगे थे। वहीं अब प्रदेश के गांव-ढ़ाणी में 4 हजार मेगावाट क्षमता के 1808 संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। कुसुम कम्पोनेंट-ए में राजस्थान सर्वोच्च पायदान पर है। वहीं कम्पोनेंट-सी में गुजरात और महाराष्ट्र के बाद तीसरे स्थान पर है। कुसुम के अन्तर्गत स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्रों से राज्य में 2.62 लाख किसानों को कृषि के लिए दिन में बिजली मिल रही है।

खेत के समीप अनुपजाऊ भूमि पर लग रहे अधिकतम 5 मेगावाट तक के यह सौर ऊर्जा संयंत्र राज्य के कृषि क्षेत्र की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इनसे राज्य के विद्युत वितरण निगमों को सस्ती बिजली मिल रही है और सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ रहा है।

स्वीकृत हैं 10.7 गीगावाट की परियोजनाएं

केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने राजस्थान को कुसुम कम्पोनेंट-ए तथा कुसुम कम्पानेंट-सी में कुल 10.7 गीगावाट की परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। जिनमें से शत-प्रतिशत परियोजनाओं के बिजली खरीद अनुबंध किए जा चुके हैं। इन परियोजनाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूरा किया जाना है। इसे देखते हुए आने वाले समय में राजस्थान में लगभग 500 मेगावाट से एक गीगावाट तक की परियोजनाएं प्रत्येक महीने स्थापित होने का अनुमान है। राजस्थान डिस्कॉम्स ने शेष 6,700 मेगावाट क्षमता अक्टूबर, 2026 तक सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

पहले लगे 48 माह अब ढ़ाई माह में ही जोड़ी 1 हजार मेगावाट क्षमता

प्रदेश में कुसुम योजना के क्रियान्वयन को लगातार गति मिल रही है। कम्पोनेंट-ए में प्रदेश का पहला प्लांट अप्रेल 2021 को तथा कम्पोनेंट-सी का पहला सौर ऊर्जा संयंत्र नवम्बर, 2023 में स्थापित हुआ था। इसके बाद मई 2025 को पहले 1 हजार मेगावाट क्षमता के स्तर तक पहुंचने में 48 माह लग गए। इसके बाद 2 हजार मेगावाट क्षमता हासिल करने में मात्र 5 माह लगे। वहीं 3 हजार मेगावाट का आंकड़ा छूने में 4 माह और 4 हजार मेगावाट क्षमता हासिल करने में मात्र ढ़ाई माह का ही समय लगा। इसी मार्च माह में 543 मेगावाट के संयंत्र स्थापित हुए, जो इस योजना के शुरू होने के बाद किसी एक माह में अब तक की हासिल की गई सर्वाधिक क्षमता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.